Author: Ranveer Kumar

मोहिनी मूरत प्यारी, रंगीलो मेरो बनवारी, मोहनी मूरत प्यारी।। तर्ज – सुन बरसाने वारी। रत्न जड़े कुण्डल कानों में, रत्न जड़े कुण्डल कानों में, मोर मुकुट सिर धारी, रंगीलो मेरो बनवारी, मोहनी मूरत प्यारी, रंगीलो मेरो बनवारी।। तन केसरियो बागो साजे, तन केसरियो बागो साजे, नीले री असवारी, रंगीलो मेरो बनवारी, मोहनी मूरत प्यारी, रंगीलो मेरो बनवारी।। नैन रसीला जुलम करे है, नैन रसीला जुलम करे है, लेउँ नज़र उतारी, रंगीलो मेरो बनवारी, मोहनी मूरत प्यारी, रंगीलो मेरो बनवारी।। खाटू में मंदिर रवि सन्मुख, खाटू में मंदिर रवि सन्मुख, जा की शोभा भारी, रंगीलो मेरो बनवारी, मोहनी मूरत प्यारी, रंगीलो…

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अवगुण चित ना धरो प्रभु मेरे, अवगुण चित ना धरो, समदर्शी प्रभु नाम तिहारो, चाहो तो पार करो।। एक लोहा पूजा में राखत, एक घर बधिक परो, सो दुविधा पारस नहीं देखत, कंचन करत खरो।। एक नदिया एक नाल कहावत, मैलो नीर भरो, जब मिलिके दोऊ एक बरन भये, सुरसरी नाम परो।। एक माया एक ब्रह्म कहावत, सुर श्याम झगरो, अबकी बेर मोही पार उतारो, नहि पन जात तरो।। अवगुण चित ना धरो प्रभु मेरे, अवगुण चित ना धरो, समदर्शी प्रभु नाम तिहारो, चाहो तो पार करो।।

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सिंह पे भवानी देखो चढ़ आई, शेरावाली मैया मेरे घर आई, जगदम्बे मैया मेरे घर आई, सिंह पे भवानी देखों चढ़ आई।। मैया ओढ़ चुनड़ प्यारी प्यारी, अपने भक्तो के घर माँ पधारी, छाई मन में उमंग, बाजे ढोल मृदंग, गूंजे आंगन में खुशियों की शहनाई, सिंह पे भवानी देखों चढ़ आई, सिंह पे भवानी देखों चढ़ आई, शेरावाली मैया मेरे घर आई, जगदम्बे मैया मेरे घर आई, सिंह पे भवानी देखों चढ़ आई।। सजा माँ का दरबार प्यारा प्यारा, इसके आगे फीका हर नजारा, जाऊँ तुझपे बलिहार लेउँ नज़रे उतार, वारु तेरी छवि पे माँ लुन राई, सिंह पे…

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तेरी आँखों के तारे करोड़ों माँ, मेरा कोई ना जग में तेरे सिवा, मुझे खाली ना जग से मोड़ो माँ, मेरा कोई ना जग में तेरे सिवा, तेरी आँखो के तारे करोड़ों माँ, मेरा कोई ना जग में तेरे सिवा।bd। teri aankhon ke tare karodo maa lyrics मुझे आस थी जिन नातों से, वो इक इक करके चले गए, मैंने फूलों से भर दी जिनकी डगर, वो काँटों से भरके चले गए, अब तुम तो ना मुझको छोड़ो माँ, मेरा कोई ना जग में तेरे सिवा, तेरी आँखो के तारे करोड़ों माँ, मेरा कोई ना जग में तेरे सिवा।bd। तू…

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हर रूप में रंग में, ढंग में तू, नहरों नदियों में, तरंग में तू, हे परम पिता जगदीश मेरे, प्रभु प्रेम उमंग में तू ही तू।। तू बनकर सूर्य प्रकाश करे, कहीं शीतल चाँद का रूप धरे, तारों में तेरा रूप सुघर, तट नीर तरंग में तू ही तू, हर रूप मे रंग मे, ढंग में तू, नहरों नदियों में, तरंग में तू।। कहीं पर्वत पेड़ समुद्र बना, तू बीज बना बन जीव जना, कहीं शीत पवन बनकर के बहे, बस मीन बिहंग में तू ही तू, हर रूप मे रंग मे, ढंग में तू, नहरों नदियों में, तरंग में…

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चार पंडित काशी से आया, चारों वेद पढ़ आया जी, चार पँडित काशी से आया, चारों वेद पढ़ आया जी, आय कबीर घर पानी पिया, पी पानी पछताया जी, आय कबीर घर पानी पिया, पी पानी पछताया जी, जल का भेद बतावो ब्रह्म ज्ञानी, छान पियो जल पानी जी, जल का भेद बतावो ब्रह्म ज्ञानी, छान पियो जल पानी जी।। जल की तो मच्छीया जल में ब्याई, जल मे ही मर जाती जी, जल की तो मच्छीया जल मे ब्याई, जल मे ही मर जाती जी, जल की शोद बोद नही मिटसी, वो पानी क्या पीता जी, जल की शोद…

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वो लाल लंगोटे वाला, माता अंजनी का लाला, भक्तों के कष्ट मिटाए, विपदा को दूर भगाए, ऐसा तो सालासर वाला है, भक्तो का रखवाला है।। तर्ज – ये बंधन तो। सालासर में देखो, भवन बना है भारी, सोने और चांदी की, चमक अनोखी न्यारी, मंदिर की छटा निराली, सुध बुध खो देने वाली, मंदिर की छटा निराली, सुध बुध खो देने वाली, ऐसा तो सालासर वाला है, भक्तो का रखवाला है।। सुन्दरकाण्ड करे जो, हनुमत खुश हो जाए, उन पर किरपा है जो, हनुमान चालीसा गाये, नित पाठ करे जो इनका, ये ध्यान रखे है उनका, नित पाठ करे जो…

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छोटा सा कन्हैया देखो, पलने में झूले रे, प्यारी मुस्कनिया जिसकी, सबके दिल को छु ले रे, छोटा सा कन्हैया देखों, पलने में झूले रे।bd। देखे – यशोदा जायो ललना। नन्हे नन्हे हाथ जाके, नन्हे नन्हे पाँव है, देखने को आया जिसको, सारा नंदगाँव है, मारे झटकोले जैसे, आसमा को छु ले रे, छोटा सा कन्हैया देखों, पलने में झूले रे।bd। सांवली सलोनी सूरत, फूले फूले गाल है, नैन कजरारे जिसके, घुंघराले बाल है, देख ले जो चितवन प्यारी, सुध बुध भूले रे, छोटा सा कन्हैया देखों, पलने में झूले रे।bd। आनंद छायो देखो, नंद के भवन में, बांटे बधाई…

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भीख नहीं मुझे चाहिए, दो मेरा अधिकार, मैं नालायक हूँ बेटा, मैं नालायक हूँ बेटा, पर तू तो समझदार, भीख नहीं मुझे चाहिए, दो मेरा अधिकार।। तर्ज – देना हो तो दीजिये। सारे जगत के जगत पिता हो, सबने यही बताया है, इसीलिए ये पुत्र तुम्हारा, हक़ लेने को आया है, जो कुछ है पास तुम्हारे, जो कुछ है पास तुम्हारे, मैं हूँ उसका हक़दार, भीख नही मुझे चाहिए, दो मेरा अधिकार।। कैसे पिता हो तुम सांवरिया, तरस नहीं तुम्हे आता हो, तेरे सामने पुत्र तुम्हारा, नैन से नीर बहाता है, तू भोग लगाए छप्पन, तू भोग लगाए छप्पन, भूखा…

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Sending thank-you letters to customers who make purchases at your business store is a thoughtful gesture that can foster strong customer relationships and enhance their overall shopping experience. These letters not only convey gratitude but also provide an opportunity to extend warm wishes through text messages. Customers frequently visit your store to make substantial purchases of essential items, demonstrating their loyalty and trust in your products and services. Recognizing their patronage and expressing appreciation for their purchases can go a long way in making them feel valued and appreciated.When crafting these thank-you letters, it’s essential to personalize them to create…

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