Author: Ranveer Kumar

Customer Service Week is a highly anticipated event for both businesses and customers alike. This special week is dedicated to celebrating and appreciating the loyal patrons who support a company’s products or services. It goes beyond just offering discounts and coupons; it’s about creating an unforgettable experience for customers that fosters long-lasting relationships. During Customer Service Week, businesses roll out the red carpet for their valued customers. They offer a wide array of special offers, discounts, and exclusive coupons that provide significant cost savings. These deals are carefully curated to cater to different customer preferences, ensuring that everyone finds something…

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Expressing gratitude to customers through thank-you messages is a simple yet powerful way to foster goodwill, enhance customer relationships, and boost business growth. When businesses take the time to show appreciation, it not only makes customers feel valued but also creates a positive impression that can lead to more referrals and increased sales. A heartfelt thank-you message serves as more than just a polite gesture; it can leave a lasting impact on customer loyalty and brand reputation. Customers who feel appreciated are more likely to return for repeat purchases and become brand advocates. When a business acknowledges and appreciates its…

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चोरी चोरी तूने मेरी, मटकी चुराई रे, तूने घनश्याम, तूने घनश्याम, तूने घनश्याम, परेशान कर लिया, चोरी चोरी तुने मेरी, मटकी चुराई रे।। तर्ज – चोरी चोरी मैंने भी तो। राह चलत तूने, मटकी गिराई रे, ओ रे कन्हैया तू तो, बड़ा हरजाई रे, तूने तेरा काम, तूने तेरा काम, तूने तेरा काम, सरेआम कर दिया, चोरी चोरी तुने मेरी, मटकी चुराई रे।। माने नही गोविंदा, तू बड़ा छलिया रे, छिपती छिपाती डोले, सारी गुजरिया रे, तूने नंदलाल, तूने नंदलाल, तूने नंदलाल, खुलेआम कर दिया, चोरी चोरी तुने मेरी, मटकी चुराई रे।। ओ रे कन्हैया तोहे, नन्द दुहाई रे, ओ…

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भूल गया मानव मर्यादा, जब कलयुग की हवा चली, धूप कपुर ना बिके नारियल, दारू बिक रही गली गली।। तर्ज – क्या मिलिए ऐसे लोगो। देखे – कलयुग बैठा मार कुंडली। मर्यादा ना करे बड़ो की, दारू पिये भरे चिलमें, रामायण गीता ना बांचे, दिल से देख रहे फिल्मे, सांची बात लगे ह्रदय में, सबसे कह रहे बात भली, धूप कपुर ना बिके नारियल, दारू बिक रही गली गली।। नारी अब निर्लज्ज भये, नर पाप की सीमा लांघ गए, कलयुग को तो फैशन है, बिटिया के रूपट्टा खोल भये, धर्म कर्म ओर शर्म नही है, कलयुग हो गयो बहुत बलि,…

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साँचा है तेरा दरबार, ओ मैया शेरोवाली, ऊँचे ऊँचे पर्वत वाली, सचियाँ सचियाँ ज्योतावाली, तू ही दुर्गा तू ही काली, सांचा है तेरा दरबार, ओ मैया शेरोवाली।। तर्ज – छोड़ेंगे ना हम तेरा द्वार। चण्ड और मुण्ड ने स्वर्ग को घेरा, और उत्पात मचाया, देवता सारे शरण में आए, मैया तुमको मनाया, रौद्र रूप माँ तुमने धारा, चण्ड और मुण्ड को तुमने मारा, सांचा है तेरा दरबार, ओ मैया शेरोवाली।। गोरा रूप में शिव शंकर के, वाम अंग तुम आई, लक्ष्मी बनकर विष्णु जी के, संग में तुम ही सुहाई, ब्रह्माणी बन भक्तों को तारा, भव सागर से पार उतारा,…

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ओ सबकी सुनने वाले, मेरी भी सुनो बाबा, जो आस मेरे मन की, उसे पूरी करो बाबा, ओ सबकी सुनने वालें, मेरी भी सुनो बाबा।। जो कदम उठे मेरा, तेरी राह चले बाबा, जो सांस चले मेरा, तेरा नाम रटे बाबा, बिन बोले तू देता, ऐसा है सुना बाबा, मैंने हाथ पसारे हैं, मेरी लाज रखो बाबा, ओ सबकी सुनने वालें, मेरी भी सुनो बाबा।। तेरे पास में सब कुछ है, तेरा नाम भी है बाबा, तुम सबका भला करते, मेरा भी करो बाबा, तेरी चौखट की ऐ श्याम, गर धूल जो मिल जाए, मेरे जीवन की प्यारे, काया ही…

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ये दूरी ये जुदाई, मुझे ना रास आई, तेरे बिना ये संसार, सुनले मेरे लखदातार, लगे जैसे हो गहरी खाई, ये दुरी ये जुदाई, मुझे ना रास आई।। तर्ज – वफ़ा ना रास आई। जिस और जहाँ भी मैं देखूं, धोखा और झूठ नज़र आये, मोह माया और रिश्ते नाते, सब छल से मिले बशर आये, इनसे होके मैं लाचार, आया तेरे दरबार, झूठी प्रीत ना मुझको भायी, ये दुरी ये जुदाई, मुझे ना रास आई।। ये दुनिया पागलखाना है, तेरा दर ही मेरा ठिकाना है, तेरे नाम की मस्ती का प्यासा, तेरा दर मेरा मैखाना है, चढ़ा जबसे खुमार,…

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तूने अजब रचा भगवान, भाग्य इस नारी का, नारी का इस नारी का, तुने अजब रचा भगवान, भाग्य इस नारी का।। बेटी बनके घर में आई, मात पिता ने कर दी पराई, तूने कैसा दिया अभिशाप, भाग्य इस नारी का, तुने अजब रचा भगवान, भाग्य इस नारी का।। लक्ष्मी बन ससुराल में आई, दान दहेज भी साथ में लाई, बदले मे मिला अपमान, भाग्य इस नारी का, तुने अजब रचा भगवान, भाग्य इस नारी का।। मायका बोले बेटी परायी, सासरिये बोले पराये घर ते आई, घर कौन सा बेटी का, भाग्य इस नारी का, तुने अजब रचा भगवान, भाग्य इस…

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दरबार में आकर बाबा को, तू अपना हाल सुनाए जा, बाबा ना सुने ना मुमकिन है, तू अपना जोर लगाए जा, दरबार मे आकर बाबा को, तू अपना हाल सुनाए जा।bd। darbar me aakar baba ko tu apna haal sunaye ja तर्ज – दुनिया में देव हजारों है। है काम बहुत मेरे बाबा को, ये सारे जग का स्वामी है, सुनने की घड़ी कब आ जाए, तू अपना दाव लगाए जा, दरबार मे आकर बाबा को, तू अपना हाल सुनाए जा।bd। नंबर कब किसका लग जाए, ये अपनी अपनी किस्मत है, खाली ना गया कोई दर से कभी, आशा का…

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तेरे चरणों में शीश मैं झुकाऊं, तेरे ही गुण गाऊं, ओ माता मेरी लाज रख ले, लाज रख ले, और किसके द्वारे पे मैं जाऊं, मैया जी मेरी लाज रख ले ओ माँ।। मिलता नहीं जो कहीं, सारे संसार में, मिलता है वो तेरे, सच्चे दरबार में, तेरे भरे हैं भंडारे शेरोवाली, तू जग से निराली, है पूजे संसार तुझको, संसार तुझको मैया, ऊंचे ओ पहाड़ों वाली है पूजे संसार तुझको मेरी माँ।। तेरी ज्योत का है, उजियारा कण कण में, तू ही करे दूर अंधियारा, एक क्षण में, बुझे दिलों को तू, रोशन करे है, जो दुखों से भरे…

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