Author: Ranveer Kumar

शरण में आ गया मैया, ना खाली हाथ जाऊंगा, सफल कर कामना मेरी, विमल यश रोज गाऊंगा, शरण में आ गया मईया, ना खाली हाथ जाऊंगा।। तू मैया जग की पालक, मैं भी हूँ तेरा बालक, क्यों ममता तज कर रूठी, बता माता, मैं बालक माँ तुम्हारा हूँ, तुम्हारा ही कहाऊंगा, शरण में आ गया मईया, ना खाली हाथ जाऊंगा।। जग सारा है माँ खारा, बस तेरा एक सहारा, मैं जाँच के सबको हारा, मेरी माता, सहारा पा तेरा जननी, दुखो को मैं भुलाऊँगा, शरण में आ गया मईया, ना खाली हाथ जाऊंगा।। जो तेरा ध्यान लगावे, सुख सम्पति वो…

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दातार हो तो, दया तुम दिखा दो, गुजारु ये जीवन कैसे, इतना सीखा दो, दातार हो तो, दया तुम दिखा दो।। तर्ज – सागर किनारे। बाँध सबर का, टूट ना जाए, जिंदगी ये मेरी मुझसे, रूठ ना जाए, साथ ये अपना, छूट ना जाए, सहने मैं पाऊँ, ऐसी सजा दो, गुजारु ये जीवन कैसे, इतना सीखा दो, दातार हों तो, दया तुम दिखा दो।। चौखट पे तेरी बाबा, पटक सर रहा हूँ, सांसे तो लेता हूँ, मगर मर रहा हूँ, बस इतनी तुमसे, अरज कर रहा हूँ, चरणों में अपने, मुझको जगह दो, गुजारु ये जीवन कैसे, इतना सीखा दो,…

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मैं तो पत्थर उठा नहीं पाई, के बालू ले आई।। दोहा – एक गिलहरी बार बार, सागर में पूंछ भिगावे, पूंछ भिगावे रेत लपेटे, पुल पे आन गिरावे। बड़े नुकीले पत्थर प्रभु तेरे, पाँव में ना चुभ जावे, बालू आपकी राह को भगवन, कितना सुगम बनावे। देख वानरों की सेवा महान, मेरे दिल में जगे है अरमान, मैं तो पत्थर उठाय नहीं पाई, के बालू ले आई।। बड़े बड़े वानरों की, बडी बडी बात है, मैं छोटी सी गिलहरी प्रभु, मेरी क्या बिसात है, मेरे दिल में जगे ये अरमान, तेरी सेवा करू मैं मेरे राम, मैं तो पत्थर उठाय…

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बजरंगबली तूने, कलयुग निहाल कर दिया, संकट मिटा भगतों के, यूं मालामाल कर दिया, बजरंग बली तूने, कलयुग निहाल कर दिया।bd। तर्ज – तेरी मोहब्बत ने। हाथ पसारे कोई आये तेरे दर, बरसे उसी पे बाबा तेरी महर, हरपल सब की सुनता है, पल में झोली भरता है, बिन मांगे ही मन चाहा फल, तूने दे दिया, बजरंग बली तूने, कलयुग निहाल कर दिया।bd। आंख का अंधा पाए नयन, निर्धन भी पा जाये महल, बांझन को बेटा मिल जाय, कोढ़ी कंचन काया पाय, जिसने किया भरोसा वो, निहाल हो गया, बजरंग बली तूने, कलयुग निहाल कर दिया।bd। सुन मेरे भैया…

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करुणामयी सरकार ने, जीना सिखा दिया, दुनिया की ठोकरों ने तेरे, दर पे ला दिया, करुणामई सरकार ने, जीना सिखा दिया।। तर्ज – सतगुरु तुम्हारे प्यारे ने। जिसने कभी भी आज तक, सजदा नहीं किया, उसको कृपा ने आपकी, झुकना सिखा दिया, करुणामई सरकार ने, जीना सिखा दिया।। रहते हो दिल जिगर में, आँखों में हर घड़ी, मस्ती का जाम आपने, ऐसा पिला दिया, करुणामई सरकार ने, जीना सिखा दिया।। दुनिया की चमक देखकर, भटका हुआ था मैं, मुझको दया ने आपके, चरणों में ला दिया, करुणामई सरकार ने, जीना सिखा दिया।। करुणामयी सरकार ने, जीना सिखा दिया, दुनिया की…

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कोई ऐसी खोल नहीं है, जिसमें तू छुप पायेगा। दोहा – शीश ढको तो पाँव खुले रे, पाँव ढको तो शीश, अजब चदरिया तृष्णा की है, जिसमे जीवन जाए बीत। कोई ऐसी खोल नहीं है, जिसमें तू छुप पायेगा, प्रभु के नाम की ओढ़ चदरिया, तन मन सब डक जाएगा।। बड़े गुण वाली प्रभु नाम की चदरिया, जिसमें प्रभु से मांगी मिली चदरिया, तुलसीदास ने भक्ति करके, राम चदरिया ओढ़ ली, रामचरित गाकर के राम मय, बन गई जग में तुलसी, बिना वस्त्र तू आया जगत में, बिना वस्त्र ही जाएगा, प्रभु के नाम की ओढ़ चदरिया, तन मन सब…

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सांवरे तेरे बिना भी क्या जीना, तेरे बिना भी क्या जीना, बिन तेरे भजनों के, बिन दर्शन के, अब मुझे नहीं जीना, तेरे बिना भी क्या जीना, ओ साँवरे तेरे बिना भी क्या जीना, तेरे बिना भी क्या जीना।। तर्ज – ओ साथी रे तेरे बिना। शाम सवेरे बातें तेरी, आँखों में तस्वीर है तेरी, मेरी दुनिया तुमने सवारी, ओ खाटू के श्याम बिहारी, श्याम तू रूठे ना, प्रीत ये टूटे ना, साथ ये छूटे कभी ना, तेरे बिना भी क्या जीना, ओ साँवरे तेरे बिना भी क्या जीना, तेरे बिना भी क्या जीना।। श्याम तू है साथी सबका, तेरे…

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ओम जय धन्वंतरि देवा, स्वामी जय धन्वंतरि देवा, जरा रोग से पीड़ित, जन जन सुख देवा, ॐ जय धन्वंतरि देवा।। तुम समुद्र से निकले, अमृत कलश लिए, देवासुर के संकट, आकर दूर किए। ॐ जय धन्वंतरि देवा।। आयुर्वेद बनाया, जग में फैलाया, सदा स्वस्थ रहने का, साधन बतलाया। ॐ जय धन्वंतरि देवा।। भुजा चार अति सुंदर, शंख सुधा धारी, आयुर्वेद वनस्पति, से शोभा भारी। ॐ जय धन्वंतरि देवा।। तुम को जो नित ध्यावे, रोग नहीं आवे, असाध्य रोग भी उसका, निश्चय मिट जावे। ॐ जय धन्वंतरि देवा।। हाथ जोड़कर प्रभु जी, दास खड़ा तेरा, वैद्य-समाज तुम्हारे, चरणों का घेरा। ॐ…

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छुड़ाया हाथ हमने था, प्रभु गलती हमारी है, पकड़ लो हाथ कस करके, यही विनती हमारी है, छुड़ाया हाथ हमने था, प्रभु गलती हमारी है।bd। तर्ज – पकड़ लो हाथ बनवारी। भूलाकर आपको रिश्ता, प्रभु गैरो से जोड़ा है, किया जो आपसे वादा, उसी वादे को तोडा है, भटकते फिरते दुनिया में, बुरी हालत हमारी है, छुड़ाया हाथ हमने था, प्रभु गलती हमारी है।bd। धरम को भूल हम बैठे, करम अपना बिसारा है, हमारे ही कुकर्मो ने, हमारा घर उजाड़ा है, नहीं ये दोष तेरा है, यही नियति हमारी है, छुड़ाया हाथ हमने था, प्रभु गलती हमारी है।bd। प्रभु हम…

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सुनले बाबा मेरे, सुनले बाबा मेरे, सारी दुनिया से हारा आया, दर पे तेरे, बम बम भोले, मेहर करो ना, ओ भोले मेहर करो ना।। तर्ज – चल चला चल फकीरा। तुझसे छुपा ना कुछ भी बाबा, तू तो अंतर्यामी है, सब जाने तेरे खेल निराले, मैं सेवक तु स्वामी है, बाबा दुखड़े हरो, झोली सुख की भरो, ये फरियाद लाया हूँ, मैं चरणों में तेरे, बम बम भोले, मेहर करो ना, ओ भोले मेहर करो ना।। तुम हो औघड़ दानी ऐसे, बिन माँगे ही दे देते, शरणागत के सिर पर बाबा, हाथ तुम्ही तो धर देते, तुम दयालु बड़े,…

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