Author: Ranveer Kumar

राम जी रो राख भरोसो भाई, दोहा – चिंता दीन दयाल को, मो मन बड़ो आनंद, जायो सो प्रतिपालसी, रामदास गोविंद। दादू दुनिया बावळी, सोच करे गैली, सबने राम जी देत हैं, अब दिन उगिया सू पेली। अजगर करे न चाकरी, पंछी करे न काम, दास मलूका कह गये, सबके दाता राम। राम जी रो राख भरोसो भाई, जे तू राखे राम भरोसा, जे तू राखे राम भरोसा, कमी नी आवे काई।। कीड़ी ने कण भर पूरे रामयो, हाथी मण भर खायी, अनहड़ पक्षी उड़े आकाशा, उनको चून चुगायी, राम जी रो राख भरोसों भाई।। अजगर उड़े न चले धरण…

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मैंने जब से मेरे सांवरिया, गुणगान तुम्हारा गाया है, तब से जीवन के हर पथ पे, मैंने साथ तुम्हारा पाया है, ओ मेरे बाबा ओ मेरे बाबा, मेरे बाबा मेरे बाबा, मैंने जब से मेरे साँवरिया, गुणगान तुम्हारा गाया है।। तर्ज – मेरा दिल भी कितना। & मैं जहाँ रहूँ। कभी अंधेरो में बाबा, मेरा मन जब घबराता है, बनके रोशनी तू ही तो, राहो में बिखर जाता है, तेरे बिना मुझको बाबा, ये सुख भी नहीं भाता है, तू संग है तो गम में भी, मेरा दिल ये मुस्काता है, विराने जीवन में शहनाई बजती है, कांटो सी राहें…

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भक्तो की बिगड़ी बनाना, श्याम के हाथों में है, क्यों डरूं जब हाथ मेरा, श्याम के हाथों में है।bd। तर्ज – हर करम अपना करेंगे। तेरी नैया तू ही खिवैया, तू ही पालनहार है, बेफिक्र हूँ मैं मौज में, तू जो तारणहार है, अब डुबोना या बचाना, श्याम के हाथों में है, क्यों डरूँ जब हाथ मेरा, श्याम के हाथों में है।bd। खेल डाले दाव सारे, मैंने तेरे नाम पे, है यकीं पूरा मुझे तो, खाटू वाले श्याम पे, हारी बाजी को जिताना, श्याम के हाथों में है, क्यों डरूँ जब हाथ मेरा, श्याम के हाथों में है।bd। है नहीं…

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अवधपति बोले यूँ मुख से, सुनो वीर हनुमान, वर्षो बाद पड़ा है तुमसे, एक जरुरी काम, धरती पर मानव जाति यूँ, कर रही हाहाकार, तुम्हरे काँधे पर धरता, उनके जीवन का भार, के तुम वहां बैठे बलि, करो हर एक की भली, के तुम वहां बैठे बलि, करो हर एक की भली।bd। awadhpati bole yun mukh se suno veer hanuman तर्ज – उड़ जा काले कावा। देखे – सम्पूर्ण सुन्दरकाण्ड पाठ। राम रसिक तुम राम नाम, जपने वालों के सहारे, राम नाम जो बोले मुख से, लगते तुमको प्यारे, राम नाम के सुमिरन से ही, सुखी हो ये संसार, तेरे…

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जब संत मिलन हो जाए, तेरी वाणी हरि गुण गाए, तब इतना समझ लेना, अब हरी से मिलन होगा, अब हरी से मिलन होंगा।। नहीं क्रोध किसी पर आवे, सब में ही नज़र वो आवे, तब इतना समझ लेना, अब हरी से मिलन होंगा।। आँखों से आंसू आए, दिन रात नज़र हरि आए, तब इतना समझ लेना, अब हरी से मिलन होंगा।। कोई दूजा ना मन को भाए, दर्शन को मन ललचाए, तब इतना समझ लेना, अब हरी से मिलन होंगा।। जब संत मिलन हो जाए, तेरी वाणी हरि गुण गाए, तब इतना समझ लेना, अब हरी से मिलन होगा,…

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बाबा तेरे दर पे, आना जाना हो गया, मैं दीवाना हो गया रे, मैं दीवाना हो गया।। साँझ सवेरे करूँ आरती, तेरा ही गुण गाऊ, तेरे दर्शन पाकर बाबा, मन ही मन हर्षाउ, श्याम तेरे भजनों का, मैं तराना हो गया, मैं दीवाना हो गया रे, मैं दीवाना हो गया।। हर ग्यारस पर दर पे आके, तुझको शीश नवाया, बैठ तेरे चरणों में बाबा, तेरा ध्यान लगाया, श्याम तेरी ज्योती का, मैं तराना हो गया, मैं दीवाना हो गया रे, मैं दीवाना हो गया।। तेरी कृपा ऐसी बरसी, धन्य हुआ मैं बाबा, धाम तुम्हारा ऐसा लागे, जेसे काशी काबा, तेरे…

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एक फकीरा आया, शिर्डी गाँव में, आ बैठा वो नीम की, ठंडी छाव में, आ बैठा वो नीम की, ठंडी छाव में।। कभी अल्लाह अल्लाह बोले, कभी राम नाम गुण गाये, कोई मुल्ला मौलवी, कोई संत फकीर बताये, वो जाने किससे, बाते करे हवाओ में, आ बैठा वो नीम की, ठंडी छाव में।। एक फकिरा आया, शिर्डी गाँव में, आ बैठा वो नीम की, ठंडी छाव में, आ बैठा वो नीम की, ठंडी छाव में।। करता है करिश्मे ऐसे, कोई जादुगर हो जैसे, पानी मे दीप जलाये, ना जाने हुआ ये कैसे, वो तो मांगे सबकी खैर, अपनी दुआओं में,…

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राडाजी आवो थे, कर ललकार, दिवलो जगायो, थारा नाम रो हो जिओ।। अन्नदाता बैठा बैठा, उदयपुर माय, जमलो जगायो, थारा नाम रो हो जिओ।। राडाजी कोनी थारे, देवल माई देव, आज जागण में वेगा, आवजो हो जिओ।। अन्धlता आवो थे, थुप रे धुवाडे, जमलो जगायो थारा, नाम रो हो जिओ।। राडाजी भजन थारा, धरम गावे आज, दुःखमे सुमरा हा, थाने आवजो हो जिओ।। राडाजी आवो थे, कर ललकार, दिवलो जगायो, थारा नाम रो हो जिओ।। Singer – Dharmendra Tanwar 7976835731 https://youtu.be/xLAqHhp3H6s

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बृज रज में लोट लगाय लीजो, तू जब वृन्दावन आए, तू जब बरसाना आए, तू जब गोवर्धन आए, बृज रज में लोट लगाई लीजो, तू जब वृन्दावन आए।। ये मन मेरो है मटमैलो, ये मन मेरो है मटमैलो, या रज में कुंवर कन्हैया खेल्यो, वा रज को शीश नवाई लीजो, तू जब वृन्दावन आए, बृज रज में लोट लगाई लीजो, तू जब वृन्दावन आए।। गोवर्धन की छटा निराली, गोवर्धन की छटा निराली, फूल रही है डाली डाली, पर्वत को शीश नवाई लीजो, तू जब वृन्दावन आए, बृज रज में लोट लगाई लीजो, तू जब वृन्दावन आए।। बरसाने की देखन होली,…

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तर्ज – बना रे बागा में झूला घाल्या कान्हा रे फागुण की रुत आयी रे, कान्हा रे फागुण की रुत आयी, रंगीलो, रंगीलो, रंगीलो फाग खिलाजा म्हारा श्याम सांवरा।। राधा रे बृज में मिले कन्हाई, राधा रे बृज में मिले कन्हाई, थारा प्यार का, थारा प्यार का, थारा प्यार का रंग में भीजे म्हारा श्याम सांवरा, कान्हा रे फागण की रुत आयी, रंगीलो फाग खिलाजा म्हारा श्याम सांवरा।। कान्हा रे तू तो बेगो आजे रे, कान्हा रे तू तो बेगो आजे रे, फागुण को, फागुण को, फागुण को रंग जमाजे म्हारा श्याम सांवरा, कान्हा रे फागण की रुत आयी, रंगीलो…

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