Author: Ranveer Kumar

सुखी रहे जग सारा प्रभु, दुखिया रहे न कोय, ऐसी विनती हम सबकी, बाबा पूरी होय।। बल बुद्धि विद्या तेज प्रभु, सब के भीतर होय, अन्न धन लक्ष्मी निरोग से, सुखी रहे सब कोय, महाकाल बाबा आपकी, भक्ति करे नर नार, रोग दोष से मुक्त करो, विनती बारंबार।। सहारा सदा आपका, मिले हमें महाकाल, नाम तेरा जपते रहे, जय जय श्री महाकाल, काम क्रोध मद लोभ मोह, मन से दियो हटाय, श्रद्धा और विश्वास की, ज्योति दीयो जलाएं।। त्रिविध ताप इस जगत में, तीन भयंकर शूल, त्रिपुरारी शिव कृपा करे, करें इन्हें निर्मूल, तीन दल त्रिनेत्र हैं, तीन गुणों की…

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हनुमत से बोली यूँ माता, क्यों मुख मुझे दिखाया है, तू वो मेरा लाल नहीं, जिसे मैंने दूध पिलाया है।। मैंने ऐसा दूध पिलाया, तुझको क्या बतलाऊ मैं, पर्वत के टुकड़े हो जाये, धार अगर जो मारू मै, मेरी कोख से जन्म लिया, और मेरा दूध लजाया है, तू वो मेरा लाल नहीं, जिसे मैंने दूध पिलाया है।। भेजा था श्री राम के संग में, करना उनकी रखवाली, लक्ष्मण शक्ति खा के पड़ा था, रावण ने सीता हर ली, माँ का सीस कभी न उठेगा, ऐसा दाग लगाया है, तू वो मेरा लाल नहीं, जिसे मैंने दूध पिलाया है।। छोटी…

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बाजे बाजे बधाई आज, नंद बाबा के द्वार। दोहा – आज बर्फी सी ब्रज नार बनी, गुजिया सी गोपी और गुजा से ग्वाला, पेड़ा से प्यारे बने बलदेव जी, रस खीर सिरोहिनी रूप रसाला, नन्द महिप बने नमकीन से, और गोकुल गोप सब गरम मसाला, जायो यशोदा जलेबी सी रानी ने, रबड़ी सी रात में लडडुआ सो लाला। बाजे बाजे बधाई आज, नंद बाबा के द्वार।। हिल मिल आवे लोग लुगाई, नंद बाबा को देवे बधाई, बृजवासीन को आयो ब्रजराज, नंद बाबा के द्वार, बाजे बाजे बधाईं आज, नंद बाबा के द्वार।। ऐसो सूत यशोदा ने जायो, ऋषि मुनि भी…

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तुमसे ना बोलूं, बता फिर और किसे बोलूं, लोग हंसेगे सांवरिया, दिल में किन से खोलूं, तुमसे ना बोलूँ, बता फिर और किसे बोलूँ।। यूँ तो दुनिया में, सभी तो अपने है, पर अपने ही क्यों, अपनों को ठगते है, रो लिया दुनिया के आगे, तेरे आगे रो लूँ, तुमसे ना बोलूँ, बता फिर और किसे बोलूँ।। है कृपा तेरी, तभी तो जिन्दा हूँ, पर गुनाहों से, श्याम शर्मिंदा हूँ, आकर के दरबार, तेरे मैं पाप, जरा से धो लूँ, तुमसे ना बोलूँ, बता फिर और किसे बोलूँ।। हार गया हूँ मैं, मुझे अब अपनाओ, अपनों से हारा, मुझे ना…

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बिन मांगे देता है जो, दुनिया से न्यारा है, उस दाता को भजता हूँ, मेरा वो श्याम प्यारा है, उस दाता को भजता हूँ, मेरा वो श्याम प्यारा है।। तर्ज – जीता था जिसके लिए। धन और दौलत, क्या मांगे बाबा, मुस्कान दी आपने-x2, हर श्याम प्रेमी, तेरा अंश बाबा, पहचान दी आपने-x2, बनादे मेरी बिगड़ी, किस्मत मेरे साँवरे, उस दाता को भजता हूँ, मेरा वो श्याम प्यारा है।। कोई जो पूछे, अगर हमसे समझे, कि होती है क्या बंदगी-×2, चरणों मे तेरे, सुबह श्याम मेरे, कट जाए ये जिंदगी-x2, जीते जी मिल जाये, जन्नत मेरे साँवरे, उस दाता को…

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नींद ना आये रे चैन ना आये रे, जीवन सारा बिता जाये, श्याम न आये रे, पल पल जाये छिन छिन जाये, पल पल जाये छिन छिन जाये, कैसे करूँ मैं हाये, नींद न आये रे, चैन न आये रे, जीवन सारा बिता जाये, श्याम न आये रे।। तेरे बिन कई बीती रे सदिया, आजा प्राण प्यारे, तडपत ही दिन रेन गुजारूं, नैनन भये पना रे, थके नहीं दिन रेन तेरे बिन, सारी रात जगाये, नींद न आये रे, चैन न आये रे, जीवन सारा बिता जाये, श्याम न आये रे, पल पल जाये, छिन छिन जाये, कैसे करूँ मै…

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भजो रे भैया, राम गोविंद हरि, राम गोविंद हरि, भजो रे भईया, राम गोविंद हरि।। जप तप साधन, कछु नहीं लागत, खरचत नहिं गठरी, भजो रे भईया, राम गोविंद हरि।। संतत संपत, सुख के कारण, जासे भूल परी, भजो रे भईया, राम गोविंद हरि।। कहत कबीरा, जिन मुख राम नहीं, ता मुख धूल भरी, भजो रे भईया, राम गोविंद हरि।। भजो रे भैया, राम गोविंद हरि, राम गोविंद हरि, भजो रे भईया, राम गोविंद हरि।। स्वर – मैथिली ठाकुर।

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ना कर चिंता चिंतन करले, श्याम प्रभु का सुमिरन करले, चिंता हरेगा तेरी सांवरा।। तर्ज – गोरी है कलाइयां। अपने भगत की उसको, चिंता है प्यारे, सारे जगत की बिगड़ी, वो ही संवारे, ना कर चिंता चिंतन करलें, श्याम प्रभु का सुमिरन करले, चिंता हरेगा तेरी सांवरा।। नरसी से चिंतन किया, चिंता मिटाई, भात भरा नानी का, प्रीत निभाई, ना कर चिंता चिंतन करलें, श्याम प्रभु का सुमिरन करले, चिंता हरेगा तेरी सांवरा।। मीरा के चिंतन में था, प्यारा मुरली वाला, अमृत बनाया पल में, विष का वो प्याला, ना कर चिंता चिंतन करलें, श्याम प्रभु का सुमिरन करले, चिंता…

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ग्यारस की रात आई, तुम श्याम को मना लो, देता है सबको बाबा, श्याम,,, देता है सबको बाबा, चाहे तो आजमा लो, ग्यारस की रात आयी, तुम श्याम को मना लो।। तर्ज – आए हो मेरी ज़िन्दगी में। ग्यारस की रात पावन, और श्याम के मनभावन, प्यारे भजन सुनाओ, गुण श्याम के तुम गाओ, आएगा कान्हा लीले चढ़, प्रेम से बुला लो, देता है सबको बाबा, श्याम,,, देता है सबको बाबा, चाहे तो आजमा लो, ग्यारस की रात आयी, तुम श्याम को मना लो।। दर्द ऐ जुदाई का गम, तुम श्याम को सुनना, चरणों में बैठ करके, तुम शीश को…

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हो साँझ या सवेरा, तू बोल राधे राधे, तू बोल राधे राधे, तू बोल राधे राधे, हर काम होगा तेरा, तू बोल राधे राधे।। तर्ज – निकुंज में विराजे। स्वदेश में हो डेरा, तू बोल राधे राधे, परदेश में बसेरा, तू बोल राधे राधे, तू बोल राधे राधे, तू बोल राधे राधे, हो सांझ या सवेरा, तू बोल राधे राधे।। मुसीबतों ने घेरा, तू बोल राधे राधे, पा जाएगा छुटकारा, तू बोल राधे राधे, तू बोल राधे राधे, तू बोल राधे राधे, हो सांझ या सवेरा, तू बोल राधे राधे।। अनमोल बड़ा प्यारा, तू बोल राधे राधे, ले नाम का…

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