imran भूल गया मानव मर्यादा जब कलयुग की हवा चली लिरिक्सBy Ranveer KumarSeptember 7, 20230 भूल गया मानव मर्यादा, जब कलयुग की हवा चली, धूप कपुर ना बिके नारियल, दारू बिक रही गली गली।। तर्ज…