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Author: Ranveer Kumar
मेरे घर आजा, तेरे लाड लड़ाऊं, माखन और मिश्री का, भोग लगाऊं, मीठे मीठे भजनों से, तुझको रिझाऊं, मेरें घर आजा, तेरे लाड लडाऊ, माखन और मिश्री का, भोग लगाऊं।। तर्ज – रिमझिम बरसता सावन। सतरंगी फूलों से मैंने, घर द्वार सजाया, तेरे लिए चूरमे का, थाल सजाया, केसर और चंदन का, तिलक लगाऊं, माखन और मिश्री का, भोग लगाऊं, मेरें घर आजा, तेरे लाड लडाऊ, माखन और मिश्री का, भोग लगाऊं।। भक्तों को बुला के, तेरा कीर्तन कराएंगे, संकट कटेंगे तेरी, ज्योत जलाएंगे, केसरिया बागा बाबा, तुझको पहनाउ, माखन और मिश्री का, भोग लगाऊं, मेरें घर आजा, तेरे लाड…
भटकूं क्यों मैं भला, संग मेरे है सांवरा, जब तूफानों ने रुलाया, लिले चढ़कर श्याम आया, मुस्कुरा कर मुझसे बोला, मैं तेरा हूँ मैं तेरा, भटकूँ क्यों मैं भला, संग मेरे है सांवरा।। श्याम जबसे है मिला, फुल मधुबन का खिला, लाख पतझड़ सर खड़ा था, मैं बहारों में पला, जब कभी मैं लडखडाया, साया बनकर श्याम आया, सर पे रख के हाथ बोला, मैं तेरा हूँ मैं तेरा, भटकूँ क्यों मैं भला, संग मेरे है सांवरा।। जिंदगी वीरान थी, हर गली सुनसान थी, श्याम के चलते ही मुझको, दुनिया अब पहचानती, दीप खुशियों का जलाया, चरणों में अपने बैठाया,…
लाल चोला चुनर, है सितारों जड़ी, मंदिर में बैठी माँ, लागे प्यारी बड़ी, मंदिर में बैठी माँ, लागे प्यारी बड़ी।। तर्ज – एक तू जो मिला। तेरी चाकरी वीर हनुमत करें, तेरा ध्यान माँ भैरव नित दिन करें, ऐसी माँ को मना लो घड़ी दो घड़ी, मंदिर में बैठी माँ, लागे प्यारी बड़ी, मंदिर में बैठी माँ, लागे प्यारी बड़ी।। तू भक्तों का कल्याण करती है माँ, तू दुष्टों का संहार करती है माँ, मेरी मैया तू है दयालु बड़ी, मंदिर में बैठी माँ, लागे प्यारी बड़ी, मंदिर में बैठी माँ, लागे प्यारी बड़ी।। ब्रह्मा विष्णु करे तेरी आराधना, शिव…
बंसी बजाय गयो श्याम, मोसे नैना मिलाय के, दिल मई समाय गयो श्याम, मोसे नैना मिलाय के, बंसी बजाए गयो श्याम, मोसे नैना मिलाय के।। मथुरा से वृंदावन आयो, निर्दयी छलिया चैन चुरायो, निंदिया उड़ाय गयो श्याम, मोसे नैना मिलाय के, बंसी बजाए गयो श्याम, मोसे नैना मिलाय के।। जादु कर गई उसकी ये अखियाँ, रस्ता रोका मोरी पकड़ी बहिया, मटकी गिराय गयो श्याम, मोसे नैना मिलाय के, बंसी बजाए गयो श्याम, मोसे नैना मिलाय के।। लूटा मोर मुकुट की छटा ने, उनके शोकि इंद्र घटा ने तीर चलाए गयो श्याम, मोसे नैना मिलाय के, बंसी बजाए गयो श्याम, मोसे…
श्याम तेरे नाम के दीवाने हो गए, दीवाने हो गए मस्ताने हो गए, श्याम तेरे नाम के दिवाने हो गए, बंसी की धुन के दीवाने हो गए, श्याम तेरे नाम के दीवाने हो गए।। तेरे है तेरे रहेंगे सदा, मिलके तू हमसे होना ना जुदा, जाने पहचाने क्यों बेगाने हो गए, श्याम तेरे नाम के दीवाने हो गए।। सांवरी सूरत से ही प्यार हो गया, मुरली वाला मेरा दिलदार हो गया, चरणों में तेरे ही ठिकाने हो गए, श्याम तेरे नाम के दीवाने हो गए।। ‘चित्र विचित्र’ का कहना यही, इनसे दूर कही रहना नहीं, जाने पहचाने क्यों बेगाने हो…
देव नहीं महादेव शिवाय, बोलो ॐ नमः शिवाय, बोलो ॐ नमः शिवाय, देवो में देव महादेव कहाय, बोलो ॐ नमः शिवाय देव नहीं महादेव शिवाय।। माथे पे सोहे मुकुट चंदा, गले में सोहे नाग देव काला, माथे पे सोहे मुकुट चंदा, गले में सोहे नाग देव काला, सबको दे उजाला, शिव भोला मतवाला, संग गिरिजा सूत सुहाय, देव नही महादेव शिवाय।। धिधिपांग धीपलाँग बांग बाजत साज, डमक डमक डमक डम डम डम डम डमरू नाद, धिधिपांग धीपलाँग बांग बाजत साज, डमक डमक डमक डम डम डम डम डमरू नाद, धूम धूम धूम माचवे धूम धूम धूम माचवे, तांडव प्रिय नटराज…
तन रंगा मेरा मन रंगा, इस रंग में अंग अंग रंगा, सीता जी के रंग में, राम जी रंग में, राधेश्याम जी रंग में, तन रंगा मेंरा मन रंगा, इस रंग में अंग अंग रंगा।। ओढ़ी है जबसे मैंने प्रेम की चुनरिया, सीताराम रटते रटते बीते री उमरिया, राधेश्याम रटते रटते बीते री उमरिया, राम के सिवा ना कोई, श्याम के सिवा ना कोई, सूझे रे डगरिया, तन रंगा मेंरा मन रंगा, इस रंग में अंग अंग रंगा।। बांह पकड़ के मेरी दे दे सहारा, राम प्रभु जी मैंने तुझको पुकारा, श्याम प्रभु जी मैंने तुझको पुकारा, तेरी दया से…
ब्रह्ममुरारि सुरार्चित लिंगं, ब्रह्ममुरारि सुरार्चित लिंगं, निर्मलभासित शोभित लिंगम्, जन्मज दुःख विनाशक लिंगं, तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम्।।१।। देवमुनि प्रवरार्चित लिंगं, कामदहन करुणाकर लिंगम्, रावण दर्प विनाशन लिंगं, तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम्।।२।। सर्व सुगंध सुलेपित लिंगं, बुद्धि विवर्धन कारण लिंगम्, सिद्ध सुरासुर वंदित लिंगं, तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम्।।३।। कनक महामणि भूषित लिंगं, फणिपति वेष्टित शोभित लिंगम्, दक्षसुयज्ञ विनाशन लिंगं, तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम्।।४।। कुंकुम चंदन लेपित लिंगं, पंकज हार सुशोभित लिंगम्, संचित पाप विनाशन लिंगं, तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम्।।५।। देवगणार्चित सेवित लिंगं, भावै-र्भक्तिभिरेव च लिंगम्, दिनकर कोटि प्रभाकर लिंगं, तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम्।।६।। अष्टदलोपरिवेष्टित लिंगं, सर्वसमुद्भव कारण लिंगम्, अष्टदरिद्र विनाशन लिंगं, तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम्।।७।। सुरगुरु सुरवर पूजित…
मेरे घर चलो ना, एक बार सांवरे, पालकी ये दिल की, तैयार सांवरे।bd। तर्ज – पलकों का घर। कदसे राह उडीके तेरी, बाबा ये परिवार मेरा, तेरी कृपा से ही पलता है, बाबा ये घर बार मेरा, हर कोई करेगा तुमसे, प्यार सांवरे, पालकी ये दील की, तैयार सांवरे।bd। बच्चे तेरे संग खेलेंगे, बाबा लुक्का छुप्पी, उनको देना तुम सांवरिया, जादू वाली झप्पी, देना उनका जीवन, संवार सांवरे, पालकी ये दील की, तैयार सांवरे।bd। जयपुर से बनवाया तेरा, घरवाली ने बागा, छोटा भैया जोधपुर से, लेकर आया साफा, बहने करेंगी, श्रृंगार सांवरे, पालकी ये दील की, तैयार सांवरे।bd। देसी घी…
Celebrating a remarkable milestone like your parents’ marriage centenary is a momentous occasion filled with love, admiration, and awe. To convey heartfelt good wishes to your beloved parents on this extraordinary day, here is a list of anniversary messages that capture the essence of their enduring love and commitment. “Happy 100th Anniversary, Mom and Dad! Your love story has not only stood the test of time but has also been a beacon of inspiration for us all. May your journey together continue to be filled with joy, laughter, and boundless love.” “Congratulations on reaching a century of love and togetherness!…