Thursday, March 30, 2023
Lyrics

जब से निहारा श्याम तुम्हे पलकों ने झपकना छोड़ दिया

जब से निहारा श्याम तुम्हे,
पलकों ने झपकना छोड़ दिया,
पलकों ने झपकना छोड़ दिया,
जबसे बसाया दिल में तुम्हे,
इस दिल ने तड़पना छोड़ दिया,
पलकों ने झपकना छोड़ दिया।।

तर्ज – जिस दिन से जुदा वो हमसे हुए।


मैं तेरी तलाश में सांवरिया,
हर दर दर पे मैं भटका हूँ,
जग से हारा दुःख का मारा,
मैं आज भवर में अटका हूँ,
तेरा दामन जबसे थाम लिया,
दुनिया में भटकना छोड़ दिया,
पलकों ने झपकना छोड़ दिया।।



ना जाने कहाँ तू खोया था,

जो आज मुझे तू आके मिला,
तेरी रहमत से मालिक,
मेरी बगिया का फूल खिला,
युग युग से तरसते नैनो से,
अश्को ने बरसाना छोड़ दिया,
पलकों ने झपकना छोड़ दिया।।



तू हि नैया तू ही माझी,

तू साहिल तू ही किनारा है,
‘दीपू’ के मन का मीत तू ही,
ये तन मन तुझपे वारा है,
कैसा ये जादू तूने किया,
इस दिल ने तरसना छोड़ दिया,
पलकों ने झपकना छोड़ दिया।।



जब से निहारा श्याम तुम्हे,

पलकों ने झपकना छोड़ दिया,
पलकों ने झपकना छोड़ दिया,
जबसे बसाया दिल में तुम्हे,
इस दिल ने तड़पना छोड़ दिया,
पलकों ने झपकना छोड़ दिया।।


Worked as a blogger, but was born a App buff. So, followed my passion and love for content writing. Ended up being an a reporter for Techsslash. What more do you want?

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